हमारी बदमाशी में छिपा एक प्यार है, जब तुम समझोगे, तब तक तुझसे कुछ छुपा नहीं होगा।
कभी हल्के-से बात करेंगे, कभी रौब से चले जाएंगे, हम हर ज़ुबान से अपनी पहचान बना जाएंगे।
हमारे बदमाशी में क़िस्से न हो, ये नामुमकिन है, हम चाहे जीतें, या हारें, शान हमेशा हमारी होगी।
तेरी बातों का क्या असर, जब हम सीधे दिल से बढ़ते हैं, हमारी नजरों का जादू न तुम समझ सकोगे।
सजग रहे, मेरे आने से पहले, तुम खतरे में हो, हमसे न उलझो, हमें खुद पर गर्व है।
तेरी प्यारी बातों में अगर बदमाशी ना हो, तो हमसे क्या वफ़ा, क्या ये दुनिया होगी।
हम वो हैं, जो बातों में आग लगा देते हैं, तुम कुछ कहो, तो हम तुमसे ख़ुद को चुरा लेते हैं।
सुनो, हमारी बदमाशी बस एक ख्वाब नहीं है, हम अपनी दुनिया को अराजक बना देते हैं, यही हकीकत है।
दिल में बुराई नहीं, बस तुझसे मस्ती करनी है, तेरी आँखों से पहले मेरी अदाओं की प्याली चुरानी है।
तुम्हें क्या बताएं, हम कितने जालिम हैं, हम तो अपनी बदमाशी में खुद ही शरीफ नहीं हैं।
तुम तो समझो, हमसे बदमाशी भी शांति से की जाती है, तुम जानो, हमारी एक मुस्कान दुनिया को हिला देती है।
हम वो हैं जो नफरत को भी अपनी मोहब्बत बना लेते हैं, हमारा अदंर जितना खतरनाक है, उतना ही प्यारा होता है।
जो हमें समझे, वो खुद भी तंगहाल होता है, हमारी तो बदमाशी हमारी पहचान होती है।
हमारे दिमाग में कभी कुछ भी दुरुस्त नहीं होता, हम जरा से बुरे होते हैं, पर कभी भी नहीं ठहरते।
हमसे न उलझ, वरना तू खामोशी में घुट जाएगा, हमारी तन्हाई का जलवा कुछ अलग ही होगा।
तू क्या जाने, हमें बुरा कहलाना अच्छा लगता है, अच्छा तो वही जो झूठ बोले, हम तो बस सच्चे हैं।
चाहे सामने कोई भी हो, हमें झुकने की आदत नहीं, हम तो उछलते हैं, गिरते हैं, फिर उठने की आदत नहीं।
अब तुम्हारा डर हमसे थोड़ा ज़्यादा बढ़ गया है, लेकिन तुम जान लो, हमारी दुनिया और रंगीन हो गई है।
तुझसे ज्यादा बदमाश तो वो लोग होते हैं, जो अपनी आँखों में सपना बनाते हैं और दिल में दर्द।
हम बदमाश हैं, ये सबको बताना जरूरी नहीं, सच कहें तो, हमें दुनिया से डर नहीं।