जिन्दगी एक किताब है, जिसका हर दिन नया अध्याय है।
निराशा का वक्त आए, तो याद रखना, हर अंधेरे के बाद एक नया सूरज निकलता है।
कभी खुद से भी लड़ो, क्योंकि यही ज़िन्दगी का असली युद्ध है।
सपनों का पीछा करो, कभी न रुकना, ज़िन्दगी को अपनी तरह जीना।
हर ग़म के बाद एक राहत ज़रूर होती है, जिन्दगी कभी नहीं रुकती, वह चलती रहती है।
जो आज खो दिया है, वो कल नहीं मिलेगा, इसलिए जो है, उसका सही मूल्य समझो।
ज़िन्दगी का यही रिवाज है, रुककर सोचो, फिर आगे बढ़ो।
मुसीबतों से न घबराओ, चुनौतियाँ ही इंसान को मजबूत बनाती हैं।
राह में मिलते हैं कुछ कठिन पल, पर हर मुश्किल से गुज़र कर ही आता है हल।
कभी रोकर, कभी हंसकर जी लो, जिन्दगी को इसी अंदाज में जी लो।
जीवन का हर पल अनमोल है, इसे जीते हुए, कुछ अद्भुत कर लो।
हमेशा मुस्कुराना ज़िन्दगी का असल राज़ है, हर मोड़ पर उम्मीद का साथ है।
ग़मों की राह पर ही खुशियाँ मिलती हैं, अंधेरों में ही रौशनी चमकती है। जीवन का यही सच है, इसे समझना जरूरी है।
हमने प्यार और बदमाशी में भी थोड़ी फुर्सत रखी है, बस थोड़ा सा आलम बदला, और ये दिल क्या चुपके से हरकती है।
दिखावों में कभी नहीं बहकते, हमेशा असलियत में सच को चुपके से रखते हैं।
हमारी वादियों में बेइंतेहा मज़ा है, हमने तो मोहब्बत की भी एक अलग सा ख़ास फ़ैसला है।
बदमाशी का तरीका जान लिया है हमने, जब तुम हंसते हो, हम भी यही सेहत अपनाएंगे।
हमसे भले डर ना सको, पर हमारी हंसी को कैसे रोक पाओगे, हम एक बार क्या सजा दें, फिर कभी हसरत नहीं जागाओगे।
हम लकीर के फ़कीर नहीं, बस खुद में जो सच्चा है, वही कहते हैं, जो करना है, वो बेबाक होकर करते हैं।
हम फालतू में बुरा नहीं बोलते, सच्चाई से डरते हैं, पर जब हमारी बदमाशी हो, तो दिल से एक बात कहते हैं।