तेरी यादें इस दिल से जाती नहीं, हर आहट में तेरा एहसास होता है, जैसे दिल अब भी तेरा इंतजार कर रहा है।
तू छोड़कर चला गया, कोई बात नहीं, पर ये बता, वो वादे कहां गए, जो तूने हर बार मुझसे किए थे?
मोहब्बत में दर्द की इनायत बहुत है, जिसे चाहो वही दूर चला जाता है, और जो पास होता है, वो मोहब्बत नहीं करता।
मेरा हाल पूछने की अब जरूरत नहीं, जो मेरे अपने थे, वो ही दूर हो गए, अब तो बस खुद से भी मिलने का दिल नहीं करता।
वो प्यार भी मेरा था, इंतजार भी मेरा था, वो किसी और की हो गई, ये ग़म भी मेरा था, अब इस अधूरेपन का दर्द भी सिर्फ मेरा है।
खुद को तसल्ली देते रहते हैं, कि तू खुश है कहीं और, पर दिल कहता है, काश तू मेरे साथ होता।
बिछड़कर भी तुझसे जुड़ा रह गया, तेरी चाहत में अधूरा ख्वाब सा रह गया, अब इस अधूरेपन को ही जीना सीख लिया।
तेरी यादों के साए में अब भी जी रहे हैं, हर लम्हा तुझे महसूस कर रहे हैं, तू पास नहीं, पर फिर भी तेरे ही हैं।
कभी अपना बनाकर फिर अजनबी बना दिया, दिल को इतनी बेदर्दी से तोड़ा उसने, कि हमें खुद से भी बेगाना बना दिया।
किसी ने पूछा कैसे हो, हमने हंसकर कह दिया ठीक हूं, पर सच तो ये है कि दिल रोने को मजबूर है, बस आंसू छलकने की इजाज़त नहीं देते।
रिश्तों की कदर हमें तब समझ आई, जब सबसे करीब रहने वाले ही दूर हो गए, और हम बस उनकी यादों में खो गए।