तेरे बिना, कोई भी खुशी अधूरी सी लगती है, जिंदगी के इस रास्ते में तू अब मेरी कमी सा लगता है।
जो कभी खुद को हमारा हिस्सा समझते थे, आज वही लोग हमारी यादों से भी दूर हो गए।
वो हमारी मोहब्बत के बारे में क्या जानें, जब खुद मोहब्बत का मतलब उन्होंने कभी समझा ही नहीं।
हमारे दिल की गहराई में बस एक तू था, तू चला गया, और इस गहराई में अब सिर्फ दर्द है।
हर बार जब भी खुद से सवाल किया, क्या तुम सच में खुश हो, तो दिल ने सिर्फ तुम्हारा नाम लिया।
तेरी यादों का एक खाली सा कमरा है दिल में, जिसे हर वक्त अपना लगता है, फिर भी वो खाली सा है।
तुझे भूलने का ख्वाब देखा था, पर तुझे याद करते-करते, खुद को खो दिया।
मुझे ये दर्द मंजूर है, बस तू खुश रहे, खुशियाँ तेरी आँखों से झलकें, यही मेरी तमन्ना है।
चाहते थे तुझे दिल-ओ-जान से, फिर भी तू हमें सज़ा दे गया।
तेरा साथ जो कभी था, वो अब एक ख्वाब बन गया, हम भी उसी ख्वाब के जैसे बिखर गए।