खामोशियों में अब वो बातें नहीं, जिन्हें कभी दिल से कहा था। तुमसे बिछड़ने के बाद, ये दिल अकेला रह गया।
हमने खुद को तुम्हारी यादों में खो दिया, पर अब हम समझते हैं कि वो प्यार कभी सच्चा नहीं था। दिल टूटकर चुप है, कुछ नहीं कहता।
हमने प्यार किया था, तुमसे बहुत प्यार किया था, लेकिन अब जो हुआ, उसका कोई हिसाब नहीं था। तुमसे दूर होकर, दिल में ये दर्द अब बसा है।
तेरे बिना अब जीना और भी मुश्किल हो गया, खुशियों के दिन अब ग़म में बदल गए। क्या दिल में कोई जगह अब तुमसे होगी?
कुछ खास था तुम्हारे साथ, पर अब वही खासियत खो गई। क्या कभी हम फिर से वो रिश्ता पा सकते हैं?
वो लम्हें अब सिर्फ यादें बनकर रह गए, जो कभी तेरे साथ बिताए थे, वो ख्वाब अब टूट गए।
दिल ने तुमसे मोहब्बत की थी, पर तुमने इसे तोड़ दिया। क्या अब हम कभी एक हो पाएंगे?
क्या कहूँ, अब इस दर्द को कैसे बयां करूँ, कभी जिससे सब कुछ था, वो अब किसी और का हो चुका है।
कभी सोचा था, दूर रहकर भी तुम पास रहोगे, लेकिन तुमने तो खुद ही मुझे छोड़ दिया। अब इस दिल में सिर्फ दर्द का मौसम है।
जितना सोचा था, उतना आसान नहीं था तुम्हें भूल पाना, हर एक याद अब दिल की गहराईयों में समाना।
तुमसे बिछड़कर दिल की ग़मों में खो गए, जो तुमसे कभी मिले थे, अब क्यों बिना किसी उम्मीद के खो गए।
हमने जो ख्वाब साथ देखे थे, वो अब टूट चुके हैं। क्या तुम कभी लौटकर आओगे?
खुश रहने का ढोंग किया, लेकिन अंदर से टूट चुका हूँ, तेरे बिना ये दिल कुछ नहीं है, बस एक खाली सा फलक हूँ।
तुमसे दूर होकर जीने की कोशिश करता हूँ, लेकिन हर पल तुम्हारी यादों में खो जाता हूँ। अब जिंदगी की राहें कुछ अजनबी लगती हैं।
राहों में तेरा नाम अब नहीं आता, जिन्हें कभी सीने से लगाया था, वो अब खाली हैं। क्या दिल कभी उन्हें वापस पाएगा?
तुमसे मिली थी सच्ची मोहब्बत, पर अब सिर्फ ख्वाब ही बचे हैं। दिल टूटकर चुप है, अब कुछ नहीं कहता।
तुमसे दूर होकर जीने की आदत डाल ली, पर दिल की सच्चाई ये है, कि तुम्हें भूल नहीं पाया।